हिमालय का नाम सर्वविदित हैं। आप सभी लोग इसके बारे मै जानते हैं। ये कहा है? इसका विस्तार कहा तक है ? लगभग आपको पता होगा पर क्या आपने कभी सोचा कि हिमालय भारत के उतरी भाग मै ही क्यों है दक्षिणी या पश्चिमी भाग मै क्यों नहीं?
या कभी ये सोचा कि ये भारत के जम्मू कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश व अन्य उतरी राज्यो मै ही क्यों है, राजस्थान या महाराष्ट्र में क्यों नहीं?!
चलिए इन प्रश्नों का हल जानने हम उसके निर्माण मै बारे मै चिंतन करते हैं।
हिमालय के निर्माण को समझने के लिए हमें एक सिद्धांत के बारे मै जानना होगा और वह सिद्धांत हैं-
वेगनर का महाद्वीपीय सिद्धांत
विश्व के महाद्वीप जिसमें एशिया,उतरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, यूरोप, अंटार्कटिका एवम् ऑस्ट्रेलिया आते हैं ये सब ऐसे ही अलग अलग दिशाओं मै नहीं है । ये सभी महाद्वीप पहले एक थे और एक गोल संरचना बनाते थे जिसे पैंजिया कहा गया। पैंजिया दो भागो मै विभाजित था~ अंगारालेंड और गोंडवानालेंड।
अंगारालेंड और गोंडवानालेंड के मध्य एक सागर था - टेथीस सागर।
अर्थात अंगारालेंड गोंडवानालेंड एवम् टेथीस सागर ये तीनों दक्षिणी गोलार्द्घ मै थे एवम् उतरी गोलार्द्घ मै पेंथलासा सागर था ।
इसे आप इस चित्र द्वारा समझ सकते है -
तो वेगनर के अनुसार इस पैंजिया मै तीव्र विस्फोट हुआ और विस्फोट के कारण उसके टुकड़े अलग अलग दिशाओं मै चले गए जो वर्तमान में महाद्वीप कहलाते है।
• भारत का निर्माण मुख्य रूप से गोंडवानालेंड और टेथीस सागर से हुआ है एवम् कुछ हिस्सा अंगारालेंड का हैं।
आशा है कि यहां तक आपको सब समझ आ गया होगा। यह सब जानने के बाद ही आपको हिमालय का निर्माण समझ आएगा अत: यह सब जानना भी जरूरी है। आइए आगे चलते है.......
तो जब भारत का निर्माण हुआ तब स्थिति कुछ इस प्रकार थी-
गोंडवाना लेंड व टेथीस सागर के टुकड़े विस्फोट के कारण दक्षिणी गोलार्द्घ घूमते घूमते उतरी गोलार्द्घ कि और आ गए।
जब ये टुकड़े घूमते हुए चीन के भूतल से टकराए तब एक भीषण टक्कर हुई ।
और इस टक्कर से टेथीस सागर के अंदर जितना मलबा था अर्थात् कंकड़, पत्थर,जीव जंतु के अवशेष वो सब उस भूतल से टकराए,उस टक्कर से निर्माण हुआ - माउंट एवरेस्ट का। जी हां यही है विश्व कि सबसे ऊंची पर्वत चोटी जिसकी ऊंचाई 8848 मीटर हैं।
प्रथम टक्कर के बाद घूमते हुए उसकी टक्कर भूतल के दूसरे सिरे से हुई । वहा भी एक पर्वत का निर्माण हुआ - नंगा पर्वत चोटी। जिसकी ऊंचाई 8126 मीटर हैं।
• आप यह विचार कर रहे होंगे कि माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई नंगा पर्वत चोटी से ज्यादा क्यों हैं ? तो इसका उत्तर सुनिए - पहली टक्कर बहुत जोर से हुई थी ज्यादा जोर से हुई इसीलिए टेथीस सागर का मलबा ज्यादा ऊपर तक गया तो वहा बन गया माउंट एवरेस्ट। दूसरी टक्कर पहली टक्कर से कम थी इसीलिए मलबा कम ऊपर तक गया एवम् वहां बना नंगा पर्वत।
अंततः तीसरी टक्कर हुई वह सबसे धीरे हुई एवम् वहां बनी नामचा बरवा पर्वत चोटी। जिसकी ऊंचाई हैं 7756 मीटर।
हां तो आपको यह तो पता लग ही गया होगा कि हिमालय का निर्माण किस तरह से हुआ ।
इसका भारत मै विस्तार व स्थिति देखने के लिए next post अवश्य पढ़े।
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Sweety Joshi
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